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तो आइए..मछुआ अनुसूचित जाति आरक्षण डिजीटल सेना में शामिल होइए….

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जब तक राजनैतिक ज्ञान और पोलिटिकल गाडफादर आफ मिल्कमैन मा. मुलायम सिंह यादव यदुवंशियों में नहीं थे, संवैधानिक ज्ञान में पिछड़ा था तब तक सरकारें यदुवंशियों को उल्लू बनाती रहीं। यादव समाज पोलिटिकल पावर की अज्ञानतावश कभी कांग्रेस, कभी भाजपा को अपना बहुमूल्य वोट देता था तो गरीब और गवार था। लेकिन जब से माननीय मुलायम सिंह यादव जी का राजनैतिक ज्ञान लिया जय समाजवाद बोला, संवैधानिक अधिकार को जाना और मुलायमवादी बन गया तो आप देख सकते है की 4 बार सपा सत्ता में रहीं।
उसी तरह आप लेदरमैन भाई को देख सकते है जब तक राजनैतिक ज्ञान और पोलिटिकल गाडफादर आफ लेदरमैन मा. कांसीराम साहब नहीं थे, संवैधानिक ज्ञान में निचे था तब तक सरकारें दलितों को उल्लू बनाती रहीं। कांग्रेस और सपा नेताओं के साथ था तो दलित था तो ज्ञान, संवैधानिक अधिकार, एस.सी आरक्षण, पैसा, पावर, और नौकरी में भी नीचे था। वो भी अपना बहुमूल्य और कीमती वोट कोंग्रेस को देता था।
लेकिन जब संवैधानिक अधिकार, राजनैतिक जानकार, चालाक, समझदार, होशियार, ज्ञानवान, त्याग और समर्पण की भावना से वह मान्यवर कांसीराम साहब की बातों को जाना और माना और अंबेडकरवादी बन कर पूरे समाज को इकठ्ठा किया और प्रदेश में 4 बार बहन जी को मुख्यमंत्री बनाकर अपने हाथ में सत्ता ली, अपने अछूतपन, सामाजिक अन्याय, अत्याचार, जलालत भरी ज़िन्दगी, आर्थिक विपन्नता, अशिक्षा, बेरोजगारी, लाचारी, गरीबी अन्य सभी समस्याओ का समाधान किया।
कहने का तात्पर्य यह है की हम समाजवादी में पिछड़ा भी बने, बीएसपी में बहुजन और भाईचारा कमेटी भी बने,18% मछुआ समुदाय का वोट दिया लेकिन हमारे महुआ समुदाय का भला नहीं हुआ।
लेकिन जब से पोलिटिकल गाडफादर आफ फिशरमैन डॉक्टर संजय कुमार निषाद जी के मार्गदर्शन में मछुआ समुदाय महाराजा गुह्यराज निषाद के वंशज विदेशियों से लड़ाई लड़े उजड़े, राष्ट्रवादी सोच के साथ, मैरून झंडे के नीचे “निषादवादी” बने और जय “निषाद राज” बोलने लगे तो इनके मान सम्मान में वृद्धि हुई। ऐतिहासिक विरासत को विश्व पटल पर लाने का कार्य किया, सड़क से सदन तक निषादों की आवाज़ को बुलंद करने का कार्य किया गया। महामना जी के नेतृत्व में पूरा समाज एक सूत्र में बधकर अपनी आवाज़ उठा रहा है। जो समाज कभी अपने ऊपर हो रहें अन्याय के खिलाफ कभी बोल नहीं पाता था वो आज अपनी हर समस्या और उसके अंदर सामाजिक, राजनैतिक, आर्थिक चेतना आयी है जिससे हमारा समाज शशक्त बन रहा है और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हुआ है और मछुआ समुदाय भी अपने संवैधानिक अधिकार के लिए लड़ाई लड़ रहा है।
मछुआरों की आज उठाने वाले दर्जनों नेताओं की हत्या और संदिग्ध मोंते हुई हैं।
देखना है मछुआ समुदाय की आवाज उठाने वाले डॉक्टर #संजय निषाद जी कब तक जिंदा रहते हैं.
समाज कब तक डॉक्टर संजय जी जिंदा रख पाता है इन राजनीतिक भेड़ियों से..

तो आइए….
मछुआ अनुसूचित जाति आरक्षण डिजीटल सेना में शामिल होइए….
आप नाम. जिला. विधानसभा. मोबाइल नं. 088404 99545 पर लिखें।
https://nishadparty.co.in/signup/NP340017

#राष्ट्रपति और #राज्यपाल के #अधिसूचना से मछुआ समुदाय का #सम्मान, #सुरक्षा, #समृद्धि, #शिक्षा, #नौकरी, #राजनीतिक पद, #जमीन, जायदाद #बहन-बेटियों की #इज्जत और परिवार #अनुसूचितजाति #अधिनियम से सुरक्षित है। इस अधिनियम से चमार भाइयों की उपरोक्त सुरक्षा है और मछुआ समुदाय के लोग भी सुरक्षित हैं।

इसे लागू कराने के लिए “एक हैॅ तो सेफ हैॅ” नारे के साथ #संवैधानिक #अधिकार #न्याय #यात्रा में शामिल हो।

राजपाल के 31 दिसम्बर 2016 के अधिसूचना से मछुआ समुदाय अब पिछड़े में नहीं है अनुसूचित जाति के सभी #प्रसुविधाओं का हकदार है।

इस अधिसूचना के आधार पर बच्चों को विद्यालय के स्कॉलर रजिस्टर में जाति के कलम में अनुसूचित और उपजाति के कलम में मझवार और तुरैहा लिखवाकर सरकार के पैसे से बच्चों को शिक्षित बनाएं और #नौकरी व #राजनीति में आएं। आरक्षण का लाभ उठाएं।

आने वाले जनगणना मैं वर्ग के कॉलम में अनुसूचित और जाति के काल में #मझवार और #तुरैहा उपजाति के कॉलम में केवट मल्लाह कश्यप कहार रैकवार बाथम आदि लिखें।

सपने वो नहीं जो सोते वक्त देखे जाते हैं, सपने वो हैं जो आपको सोने न दें!
निषाद पार्टी का स्पष्ट निर्धारित लक्ष्य सत्ता की चाभी लेना!
सत्ता वह चाभी है जो सभी बन्द ताले को खोलती है सपने को हकीकत में बदलती है!
शिक्षा वह चाबी है जो जंग लगे ताले को खोलती है! सपने को साकार करने के लिए उड़ान देती है
हर मुश्किल में एक मौका छिपा है, बस उसे ढूंढने की हिम्मत चाहिए!
आज आप अपने निर्धारित लक्ष्य की ओर क्या कदम उठा रहे हैं सोचें और आगे बढ़े? और दूसरों को प्रेरित करें!
अगर आप बदलाव चाहते हैं, तो पहले खुद को बदलें!
इस बात पर आपका क्या विचार है?
आइए, समय का सदुपयोग करें अपने निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपने जैसे सफलतम दस साथियों का चयन करें उनसे विचार विमर्श कर लक्ष्य प्राप्त करने हेतु आगे कदम बढ़ाए!
अपने सपनों को हकीकत में बदलें!
समाज को एकजुट करें, जागरूक हों और करें, नेतृत्व के लिए तैयार होइए।
यह एक सामूहिक प्रयास है और हर कार्यकर्ता की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है, क्योंकि हमें अपना लक्ष्य हर हाल में पूरा करना है।
कोई बहाना नहीं – सिर्फ़ परिणाम
आइए! हम मिलकर इतिहास रचें!

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