प्रयागराज के संवैधानिक सुरक्षा अधिकार महासम्मेलन में उठी निषाद समाज के आरक्षण की मांग, डॉ. संजय निषाद ने कहा—संवैधानिक अधिकारों पर अब ठोस निर्णय जरूरी
प्रयागराज। संवैधानिक सुरक्षा अधिकार महासम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार निषाद ने निषाद, मछुआरा एवं संबंधित समाज के आरक्षण और संवैधानिक अधिकारों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। अपने संबोधन में उन्होंने “आरक्षण नहीं तो वोट नहीं” का नारा देते हुए कहा कि समाज अब अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रश्न पर स्पष्ट निर्णय चाहता है।
डॉ. संजय निषाद ने अपने संबोधन में पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद समाज की आरक्षण संबंधी मांग को लागू नहीं किया और बाद में उसका राजनीतिक आधार कमजोर हुआ। उन्होंने समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी पर भी इसी मुद्दे को लेकर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि अब केंद्र और उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, इसलिए समाज की अपेक्षाएं वर्तमान सरकार से हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि निषाद समाज के संवैधानिक आरक्षण के सवाल का समाधान नहीं हुआ तो इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है।
डॉ. संजय निषाद ने कहा, “हम किसी का अधिकार छीनने नहीं आए हैं। हमारी लड़ाई अपने संवैधानिक अधिकार, सम्मान और हिस्सेदारी के लिए है। आरक्षण के सवाल पर अब केवल आश्वासन नहीं, ठोस निर्णय चाहिए।”
महासम्मेलन में उन्होंने कार्यकर्ताओं और समाज के लोगों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा संगठित होकर संवैधानिक तरीके से अपनी मांग उठाते रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समाज के लोग उपस्थित रहे। महासम्मेलन के दौरान सामाजिक न्याय, राजनीतिक भागीदारी और निषाद-मछुआरा समाज से जुड़े संवैधानिक अधिकारों के विषय प्रमुखता से उठाए गए।
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