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निषाद पार्टी का 11वाँ स्थापना दिवस: 11 साल का सफर, संघर्ष और संकल्प

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16 अगस्त 2026 का दिन निषाद पार्टी के लिए केवल स्थापना दिवस नहीं, बल्कि 11 वर्षों के निरंतर संघर्ष, सामाजिक जागरण, राजनीतिक भागीदारी और संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक है। यह सफर उन लाखों वंचित, शोषित, पिछड़े, मछुआ, केवट, बिंद, मल्लाह, कश्यप, धीवर, मांझी, निषाद और अन्य परंपरागत जलजीवी समाज के लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं का सफर है।
निषाद पार्टी की स्थापना समाज को राजनीतिक रूप से संगठित करने, सामाजिक सम्मान दिलाने और संवैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष को नई दिशा देने के उद्देश्य से की गई। जब समाज का बड़ा वर्ग अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी से वंचित था, तब इस पार्टी ने उसे एक नई पहचान, नया मंच और नई आवाज़ देने का कार्य किया।
इन 11 वर्षों में पार्टी ने अनेक चुनौतियों का सामना किया। सीमित संसाधनों के बावजूद कार्यकर्ताओं के समर्पण और नेतृत्व के दृढ़ संकल्प ने संगठन को गाँव-गाँव और बूथ-बूथ तक पहुँचाया। अनेक आंदोलनों, धरनों, जनसभाओं और जनजागरण अभियानों के माध्यम से समाज के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया गया।
निषाद पार्टी का सबसे बड़ा योगदान यह रहा कि उसने समाज को यह विश्वास दिलाया कि राजनीतिक भागीदारी ही सामाजिक सम्मान और अधिकारों का सबसे प्रभावी माध्यम है। पार्टी ने केवल चुनाव लड़ने तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकार, मत्स्यजीवी समुदाय के हितों और समाज की राजनीतिक भागीदारी जैसे विषयों को लगातार प्रमुखता से उठाया।
इन 11 वर्षों के दौरान हजारों समर्पित कार्यकर्ताओं ने बिना किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के संगठन को मजबूत करने का कार्य किया। अनेक कार्यकर्ताओं ने कठिन परिस्थितियों में भी समाज के हितों को सर्वोपरि रखा। यही कार्यकर्ता निषाद पार्टी की वास्तविक शक्ति और पहचान हैं।
आज निषाद पार्टी केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, स्वाभिमान और अधिकारों के आंदोलन का प्रतीक बन चुकी है। संगठन ने यह सिद्ध किया है कि यदि समाज संगठित हो जाए तो लोकतंत्र में अपनी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित कर सकता है।
11 वर्षों का यह सफर अभी अंतिम लक्ष्य नहीं, बल्कि एक मजबूत आधार है। आने वाले वर्षों में संगठन को और अधिक मजबूत करना, युवाओं को नेतृत्व में आगे लाना, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना, समाज के अंतिम व्यक्ति तक संगठन की विचारधारा पहुँचाना तथा संवैधानिक अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक संघर्ष को और सशक्त बनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
11वें स्थापना दिवस पर आइए संकल्प लें—
संगठन सर्वोपरि रहेगा।
समाज की एकता हमारी सबसे बड़ी शक्ति होगी।
प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन विस्तार का दायित्व निभाएगा।
संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए लोकतांत्रिक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
आने वाली पीढ़ी को सम्मान, अवसर और सशक्त नेतृत्व प्रदान करने के लिए हम सब मिलकर कार्य करेंगे।
11 वर्षों का संघर्ष हमें यह सिखाता है कि इतिहास उन्हीं का बनता है जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने उद्देश्य से विचलित नहीं होते।
स्थापना दिवस की सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं निषाद समाज को हार्दिक शुभकामनाएँ।
“संगठन हमारी शक्ति, संघर्ष हमारी पहचान और समाज का सम्मान हमारा संकल्प है।

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